Upsanhar News : उत्तर प्रदेश विजिलेंस BSP सरकार में हुए करोडो रुपए के स्मारक घोटाले में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा पर शिकंजा कसने की तैयारी में है I पिछले दिनों हुई 4 अफसरों और दो पट्टाधारकों की गिरफ्तारी के बाद मिले साक्ष्य के आधार पर विजिलेंस दोनों पूर्व मंत्रियों को बयान दर्ज करवाने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है I BSP सरकार में हुए स्मारक घोटाले में 1 जनवरी 2014 को दर्ज हुए मुकदमें में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा आरोपी बनाए गए थे. मामले की सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट में चल रही है I अब विजलेंस इन दोनों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है I ADG विजिलेंस पीवी रामाशास्त्री ने कहा कि जांच में जिनके खिलाफ साक्ष्य मिल रहे हैं, उन्हें बयान के लिए नोटिस दिया जा रहा है अबतक करीब 20 अधिकारियों सहित 40 लोगों को नोटिस भेजा जा चुका है I

बताते चले कि बाबू सिंह कुशवाहा ने अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी बना ली है जो पिछडो के बीच काफी लोकप्रिय होती दिख रही है, बाबू सिंह कुशवाहा 2022 चुनाव में अपनी जन अधिकार पार्टी से ताल ठोकते नजर आ रहे है वही नसीमुद्दीन सिद्दीकी कांग्रेस की नाव पर सवार है I विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही स्मारक घोटाले की जांच तेज कर दी गई है I घोटाले में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी व बाबू सिंह कुशवाहा सहित तमाम हाई प्रोफाइल लोग नामजद है I सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस ने नोटिस देने की तैयारी की है, स्मारक निर्माण के लिए निर्माण निगम द्वारा कराए जा रहे कामों की समीक्षा तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी कर रहे थे I वहीं, उच्चाधिकारियों की बैठक भी नसीमुद्दीन के आवास पर ही होती थी साथ ही निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग भी यही करते थे I इसी तरह बाबू सिंह कुशवाहा के आवास पर भी उच्चाधिकारियों की बैठक होती थी I

लोकायुक्त जांच में यह बात सामने आई थी कि लखनऊ और नोएडा में स्मारक बनाने के लिए जिन पत्थरों का उपयोग किया गया, उनकी खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़ा हुआ था, पत्थर यूपी के मिर्जापुर से खरीदे गए और उन्हें राजस्थान से खरीद कर लाने को लेकर यह बड़ा घोटाला किया गया था I


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