जर्मनी में भारी बारिश के बाद बाढ़ आने से अब तक कम से कम 80 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों अन्य लापता बताये जा रहे हैं।

जर्मनी में बाढ़ की वजह से मरने वालों की ये संख्या पिछले 24 घंटे में दोगुनी हो गई है।

इसे दशकों में जर्मनी में आयी 'सबसे भयंकर बाढ़' कहा जा रहा है।

स्थानीय पुलिस ने मरने वालों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया है कि इस हादसे में अभी भी कई लोग लापता हैं।

बाढ़ का सबसे ज़्यादा असर जर्मनी के राइनलैंड-पलाटिनेट और उत्तरी राइन-वेस्टफ़ेलिया प्रांतों में नज़र आ रहा है जहाँ कई घर और गाड़ियाँ बाढ़ में बह गये हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ एक बैठक के सिलसिले में अमेरिका पहुँचीं जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा है कि उन्हें इस आपदा से गहरा धक्का लगा है।

'प्रलयंकारी घटना'

वहीं पड़ोसी देश बेल्जियम में भी बाढ़ आने से कम से कम 11 लोगों के मरने की ख़बर है।

यूरोप के पश्चिमी हिस्से में लगातार बारिश की वजह से जर्मनी के साथ-साथ कई अन्य देशों में भी बाढ़ आ चुकी है और कई देशों में बाढ़ के हालात पैदा हो रहे हैं।

नेदरलैंड्स के दक्षिणी प्रांत लिंबर्ग में बाढ़ की वजह से कई घरों को नुकसान पहुँचा है। यहाँ केयर होम्स में रह रहे कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।

जर्मनी के राइनलैंड-पलाटिनैट प्रांत की प्रमुख अधिकारी मालु ड्रेयर ने इस बाढ़ को एक प्रलयंकारी घटना की संज्ञा दी है।

उन्होंने कहा कि “कई लोग मर चुके हैं, कई लोग लापता हैं और कई लोग अभी भी ख़तरे से बाहर नहीं हैं। हमारी सभी इमरजेंसी सेवाएं लगातार अपनी जान जोख़िम में डालते हुए काम कर रही हैं।”

कुछ जगह आपातकाल लागू

राइनलैंड-पलाटनैट प्रांत से होकर बहने वाली आह नदी में बाढ़ आने से अहवाइल ज़िले में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है। ये नदी आगे जाकर राइन नदी में मिलती है।

बाढ़ की मार झेलने वाले लोगों की मदद के लिए सैकड़ों सैनिकों और पुलिस विभाग के हेलिकॉप्टरों को तैनात किया गया है।

इससे पहले पुलिस ने कहा था कि दर्जनों लोग अपनी-अपनी छतों पर खड़े होकर बचाये जाने का इंतज़ार कर रहे थे।

जर्मनी के पश्चिमी इलाके में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही परिवहन के साधनों को भी ख़ासा नुकसान पहुँचा है।

जर्मन प्रसारक एसडब्ल्यूआर के मुताबिक़, पहाड़ी क्षेत्र आइफ़ल में आपातकाल लागू कर दिया गया है।

इस क्षेत्र के सुड बेइ अडेनू ज़िले में लगभग 25 घर इस कदर क्षतिग्रस्त हैं कि वे कभी भी गिर सकते हैं।

गाड़ियाँ-घर बाढ़ में बहे

ख़बरो में बताया गया है कि कुछ घरों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है, उन तक नाव से भी पहुँचना संभव नहीं है।

उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया प्रांत इयुकिरचेन ज़िले में आठ लोगों की मौत होने की ख़बर है। इसके साथ ही आइफिल क्षेत्र में चार लोगों की मौत हुई है जब उनके घर बाढ़ में बह गए।

बेल्जियम में भी अचानक बाढ़ आने से काफ़ी नुकसान हुआ है। कई वीडियो सामने आ रहे हैं जिनमें विरवियर शहर में सड़क पर खड़ी गाड़ियाँ अचानक आई बाढ़ में बह गयीं।

बेल्जियम में ब्रसेल्स और एंटवर्प के बाद तीसरे सबसे बड़े शहर लिएज में मेयर ने सभी लोगों को शहर छोड़कर जाने को कह दिया है।

ये भी कहा गया है कि जो लोग शहर छोड़कर जाने में असमर्थ हैं, वे ऊपर के तलों पर जाकर रहें।

आज भी भारी बारिश की आशंका

इस शहर से होकर बहने वाली मीयूज़ नदी फ़िलहाल उफ़ान पर है, लेकिन इसके 150 सेंटीमीटर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय अधिकारियों की चिंता ये है कि इस बाढ़ में एक बाँध पर बना पुल ढह सकता है।

बेल्जियम के दक्षिणी हिस्से में मौसम ख़राब होने की वजह से रेल सेवाओं को बंद कर दिया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक़, पश्चिमी यूरोप में शुक्रवार को भी भारी बारिश होने की आशंका है।

वहीं, विशेषज्ञ कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन की वजह से गंभीर मौसमी घटनाओं की आवृत्ति में बढ़त हो सकती है। लेकिन किसी एक घटना को जलवायु परिवर्तन से जोड़ा जाना काफ़ी जटिल कार्य है।

 

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