ऑस्ट्रेलिया ने विदेशों से आने वाली यात्रियों की संख्या घटाकर की आधी
ऑस्ट्रेलिया में कोरोना के मामले
बढ़ने के चलते दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों की संख्या को घटाकर आधा कर दिया
जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया
अब पहले के मुक़ाबले केवल आधे ही लोगों को देश में प्रवेश की अनुमति देगा।
ऑस्ट्रेलिया
में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार बढ़ गई है जिसके कारण इस हफ़्ते देश की करीब आधी
आबादी को क्वारंटीन में रखना पड़ा है।
ऑस्ट्रेलिया
के सख़्त सीमा नियमों के मुताबिक केवल उसके नागरिकों और छूट प्राप्त लोगों को ही
ऑस्ट्रेलिया में आने की इजाजत है।
अब नए
नियमों के मुताबिक 14 जुलाई से ऑस्ट्रेलिया हर हफ़्ते
सिर्फ़ तीन हज़ार लोगों को ही देश में आने की अनुमति देगा। इस नियम के अगले साल तक
बने रहने की संभावना है।
हालांकि, इस घोषणा के बाद ऑस्ट्रेलिया के उन लोगों ने नाराज़गी जाहिर
की है जो विदेशों में रह रहे हैं और अपने परिवार से दूर हैं।
लेकिन, प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि इस बदलाव से देश के
क्वारंटीन सिस्टम पर दबाव कम होगा।
होटलों से संक्रमण फैलने की आशंका
ऑस्ट्रेलिया
आने वाले लोगों को होटल में क्वारंटीन में रहना अनिवार्य होता है।
लेकिन, देश में कई जगहों पर कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह
होटलों के ज़रिए वायरस फैलना बताया जा रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई
पूरी आबादी का अगले साल तक टीकाकरण होने तक कोविड-उन्मूलन नीति को बनाए रखेगा। अभी
तक देश की आठ प्रतिशत आबादी को ही कोरोना का टीका लग पाया है।
मॉरिसन
सरकार पिछले साल से ही अपनी सीमा संबंधी नीतियों को लेकर आलोचना झेल रही है। इन
नीतियों के कारण परिवारों को अलग होना पड़ा है और कई ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के लिए
वापस आना मुश्किल हुआ है।
लगभग 37 हज़ार ऑस्ट्रेलियाई नागरिक विदेशों में रहते हैं।
अप्रैल
में ऑस्ट्रेलिया सरकार ने भारत से आने वाले अपने नागरिकों के देश में प्रवेश करने
पर प्रतिबंध लगा दिया था। उस समय भारत में कोरोना की दूसरी लहर चल रही थी और
संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे थे।
इस फ़ैसले
पर भारी आलोचना के बाद मॉरिसन सरकार ने अपने फ़ैसले में बदलाव किया था।
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