कानपुर के अस्पताल मरीज बनकर पहुंचे थे डीएम, सफाई कर्मी कर बैठा यह गलती उसको नहीं लगी भनक
- जिलाधिकारी कानपुर अपनी कार्यशैली में सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग को चुना जिससे साफ जाहिर होता है कि कानपुर की जनता के लिए आपके दिल में कितना प्रेम है
- कानपुर डीएम का उर्सला अस्पताल में मरीज बन ,औचक निरीक्षण
- जब खुद मरीज बन उर्सला अस्पताल दिखाने पहुचे डीएम विशाख अय्यर को मिला अव्यवस्थाओं का अंबार ,ओपीडी के कई कमरे मिले बन्द डॉक्टर रहे नदारद,सफाई व्यवस्था मिली फेल,रजिस्ट्रेशन काउंटर 4 में से 2 ही पर मील कर्मचारी,मरीजों को बैठने तक कि उचित व्यवस्था न होने पर डायरेक्टर, सीएमओ से मांगा रिपोर्ट कानपुर के कई विभाग तो अब अपने आप दुरुस्त हो जाएंगे
- एक आम मरीज की तरह डीएम ने ओपीडी के विभिन्न विभागों में निरीक्षण किया और मरीजों के बैठने की व्यवस्था तथा रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सुविधाओं का मुआयना किया। जिसमें उन्होंने पाया कि अस्पताल परिसर में मरीजों के बैठने के लिए कोई भी उचित स्थान नहीं है।
शहर
में स्वास्थ्य विभाग स्थानों की पड़ताल करने के लिए अधिकारियों द्वारा लगातार
अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। मंगलवार सुबह उर्सला अस्पताल में
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पड़ताल करने के लिए डीएम विशाख जी अय्यर आम मरीज की तरह
पहुंचे। डीएम ने ओपीडी में सुबह आठ बजे पहुंचकर रजिस्ट्रेशन कराया और चिकित्सकीय
परामर्श के लिए डाक्टर के केबिन के बाहर बैठ गए। काफी इंतजार के बाद जब चिकित्सक
नहीं आए तो डीएम ने अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी से चिकित्सक के आने का समय पूछा।
जिस पर चुपचाप केविन के बाहर बैठने की सलाह दी गई।
एक आम मरीज की तरह डीएम ने ओपीडी के विभिन्न विभागों में निरीक्षण किया और मरीजों के बैठने की व्यवस्था तथा रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सुविधाओं का मुआयना किया। जिसमें उन्होंने पाया कि अस्पताल परिसर में मरीजों के बैठने के लिए कोई भी उचित स्थान नहीं है जबकि चार काउंटरों में सिर्फ दो ही संचालित किए जा रहे हैं साफ सफाई भी परिसर में संतोषजनक नहीं पाई गई। लगभग 45 मिनट तक अस्पताल परिसर में निरीक्षण करने के बाद डीएम ने साफ सफाई सुचारू व्यवस्था है और डाक्टरों के आने का समय नोट किया। उर्सला अस्पताल में शहर के साथ आसपास के कई जिलों के मरीज बेहतर उपचार के लिए पहुंचते हैं। मंगलवार को डीएम ने अकेले ही पहुंचकर औचक निरीक्षण कर हकीकत जानी। ओपीडी के बाहर इंतजार करते हुए डीएम ने डाक्टरों के आने का समय और उनके उपचार का तरीका भी परखा। एक आम मरीज की तरह पहुंचे डीएम की भनक अस्पताल कर्मचारियों तक को ना हो सकी। परीक्षा के बाद जिला चिकित्सालय में मरीजों को हो रही परेशानियों को देखते हुए डीएम ने निदेशक कि समय पर उपस्थित ना होने पर स्पष्टीकरण उपलब्ध किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त कर डाक्टरों को समय पर आने के लिए निर्देशित किया।
Leave A Comment
LIVE अपडेट
राज्य
Stay Connected
Get Newsletter
Subscribe to our newsletter to get latest news, popular news and exclusive updates.





0 Comments
No Comments